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Diwali 2026 कब है: तारीख़, लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, 5 दिन का कैलेंडर और पूरी पूजा विधि

Diwali 2026 कब है? जानिए धनतेरस से भाई दूज तक की सही तारीख़ें, लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त, आवश्यक सामग्री और आसान पूजा विधि सरल हिंदी में।

Yash Jondhale
Yash Jondhale
•Published 12 Oct 2026•Updated 12 Oct 2026•6 min read
दिवाली पर थाली में सजे जलते हुए पारंपरिक मिट्टी के दीये और ताज़े फूलों की पंखुड़ियाँ
जगमगाते मिट्टी के दीये और फूलों की थाली—दिवाली के पावन पर्व पर अंधकार पर प्रकाश और सकारात्मकता की विजय का प्रतीक।

हर साल शरद ऋतु के आगमन के साथ ही पूरे भारत और विश्व भर के भारतीय परिवारों में एक ही सवाल सबसे अधिक पूछा जाता है: Diwali 2026 कब है और लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है? दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्म-शुद्धि, समृद्धि, कृतज्ञता और नए आरंभ का प्रतीक है। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह महापर्व घर-परिवार में सुख और शांति लेकर आता है। इस विशेष गाइड में जानिए धनतेरस से लेकर भाई दूज तक का पूरा 5-दिवसीय कैलेंडर, प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा का सटीक मुहूर्त, आसान पूजा विधि और बदलते मौसम में स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियाँ।

#5 दिन के महापर्व का संपूर्ण कैलेंडर (Diwali 2026 5-Day Calendar)

साल 2026 में मुख्य दिवाली और लक्ष्मी पूजन रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह पावन उत्सव 5 दिनों तक चलता है: • दिन 1: धनतेरस (धनत्रयोदशी) – 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) | भगवान धन्वंतरि एवं कुबेर पूजन; नई धातुओं व बर्तनों की ख़रीदारी • दिन 2: नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) – 7 नवंबर 2026 (शनिवार) | यम दीपम, अभ्यंग स्नान एवं रूप चौदस अनुष्ठान • दिन 3: दिवाली एवं लक्ष्मी पूजन – 8 नवंबर 2026 (रविवार) | कार्तिक अमावस्या; महालक्ष्मी व विघ्नहर्ता गणेश का मुख्य पूजन • दिन 4: गोवर्धन पूजा / अन्नकूट – 9 नवंबर 2026 (सोमवार) | प्रकृति एवं गोवर्धन पर्वत पूजन, 56 भोग अर्पण • दिन 5: भाई दूज (यम द्वितीया) – 10 नवंबर 2026 (मंगलवार) | भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व, तिलक एवं रक्षा संकल्प

#लक्ष्मी पूजा 2026: शुभ मुहूर्त एवं प्रदोष काल (Shubh Muhurat)

शास्त्रों के अनुसार लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में स्थिर लग्न (विशेष रूप से वृषभ लग्न) के दौरान करना सर्वोत्तम माना गया है। मान्यता है कि स्थिर लग्न में की गई पूजा से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। • मुख्य प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 05:42 बजे से रात 08:18 बजे तक • सर्वश्रेष्ठ स्थिर लग्न (वृषभ लग्न): शाम 06:12 बजे से रात 08:08 बजे तक • महानिशीथ काल (तांत्रिक एवं साधना मुहूर्त): रात 11:38 बजे से 12:31 बजे तक (8-9 नवंबर की मध्यरात्रि)

#धनतेरस पर क्या ख़रीदें और किन चीज़ों से बचें?

धनतेरस का दिन स्वास्थ्य के देवता धन्वंतरि और धन के स्वामी कुबेर को समर्पित है। इस दिन सही वस्तुओं का चयन घर में मंगलकारी ऊर्जा लाता है: • शुभ वस्तुएँ: सोने-चाँदी के सिक्के या आभूषण, पीतल (Brass) अथवा तांबे (Copper) के बर्तन, झाड़ू (दरिद्रता दूर करने का प्रतीक), और साबुत धनिया। • इनसे परहेज़ करें: लोहे की वस्तुएँ, धारदार औज़ार (कैंची, चाकू), काँच के बर्तन और प्लास्टिक का सामान। सामर्थ्य से अधिक कर्ज़ लेकर अनावश्यक ख़रीदारी से बचें।

#आसान और संपूर्ण लक्ष्मी-गणेश पूजा विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)

1. स्थान शुद्धि एवं स्थापना: पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर साफ़ करें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश को बाईं ओर और माँ लक्ष्मी को दाईं ओर स्थापित करें। 2. कलश स्थापना: कलश में जल भरकर आम के पत्ते रखें और उसके ऊपर मौली लिपटा नारियल स्थापित करें। 3. संकल्प: हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर परिवार के स्वास्थ्य, शांति और कल्याण का संकल्प लें। 4. प्रथम पूज्य गणेश पूजन: गणेश जी को दूर्वा, चंदन, जनेऊ और मोदक अर्पित कर विघ्न नाश की प्रार्थना करें। 5. महालक्ष्मी पूजन: माँ लक्ष्मी को कमल पुष्प, कुमकुम, इत्र और फल अर्पित करें। घी का मुख्य अखंड दीप प्रज्वलित कर श्री सूक्त या महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें। 6. आरती एवं भोग: सपरिवार 'ॐ जय लक्ष्मी माता' और 'जय गणेश देवा' की आरती करें तथा खीर-बताशों का भोग लगाएँ। 7. दीपदान: घर के प्रवेश द्वार, बालकनी, रसोई और तुलसी के पौधे के समीप दीप प्रज्वलित कर रखें।

#पर्यावरण एवं स्वास्थ्य: प्रदूषण से बचाव के उपाय

नवंबर माह में मौसम बदलने और आतिशबाज़ी के कारण कई शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में पहुँच जाता है। उत्सव मनाते समय इन बातों का ध्यान रखें: • ग्रीन दिवाली: भारी पटाखों की जगह पारंपरिक मिट्टी के दीयों और फूलों की रंगोली को प्राथमिकता दें। • संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा: घर के बुज़ुर्गों और बच्चों को सीधे धुएँ से दूर रखें और कमरों में एयर प्यूरीफायर चालू रखें। • शुद्ध तेल व घी के दीये: सस्ते केमिकल-युक्त तेलों की जगह शुद्ध सरसों के तेल या तिल के तेल के दीये जलाएँ ताकि आँखों में जलन और धुआँ न हो।

#अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1: दिवाली 2026 की सही तारीख़ क्या है? A1: साल 2026 में दिवाली और लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। Q2: 2026 में लक्ष्मी पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है? A2: शाम 05:42 बजे से रात 08:18 बजे के बीच प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न में लक्ष्मी पूजन करना सर्वोत्तम फलदायी है। Q3: धनतेरस कब है? A3: धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है, जो दिवाली के 5-दिवसीय पर्व का पहला दिन है।

Portrait of Yash Jondhale, Founder & Editor-in-Chief of BlueCreast
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Yash Jondhale

Founder, Editor-in-Chief & Lead Author

Yash Jondhale is the founder, owner, and editor-in-chief of BlueCreast. He authors and directs all investigative reporting, empirical analysis, and editorial coverage across Technology, Financial Markets, Geopolitics, Health, and Modern Living.

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